केरल
केरल के बारे में वीडियो बनाते समय ये विचार था कि लोग अवश्य ही इसमें कुछ ऐसा खोजेंगे जिससे उन्हें लगेगा कि ये शायद केरल का महिमा मंडन के अतिरिक्त और कुछ नहीं है हैरत इस बात की है कि इनमें से लाखों लोगों ने केरल में जिहाद, कैनवर्जन और अन्य तरह की नकारात्मक खबरों को रसपान की तरह ग्रहण कर लिया था पर आज यहां व्यवहार करके इनसे मिल जुल्के जो जानकारी मिली है वो पच क्यों नहीं रही? - मैंने पूरी कोशिश की कि केवल उन्हीं बातों का मेंशन करूं जिससे अतिशयोक्ति न लगे कुछ बातें मैंने छोड़ दी थीं जैसे - बुराई १ ट्रांसपोर्ट बहुत महंगा है ओला उबर के साथ साथ नॉर्मल ऑटो वाले भी सौ दो सौ से कम में बात नहीं करते और यहां दिल्ली और अन्य राज्यों की तरह लादकर दस दस रुपए वाले शेयरिंग ऑटो नहीं चलते एर्नाकुलम में बाकी के जिलों में डाउट है लेकिन सरकारी ट्रांसपोर्ट बहुत सस्ता और अच्छा है। इसके अतिरिक्त अभी बुराई नहीं मिली हिंदी के प्रति लोगों के जटिल रवैया को बुराई नहीं मानता हिंदी भाषी भी आए दिन अंग्रेजी को कोसते हैं तो इनका भी स्वाभाविक है। १ - कूड़े के प्रति केरल के बच्चे बच्चे की सजगता, गीला कूड़ा, सूख...