एक आखिरी सलाह, प्यार में पड़ने से पहले।।
तुझे बेहतर कोई मिलने से बेहतर था तेरा बेहतर हो जाना, तुझे पाने को हर कोई कहेगा कि तू जैसा है कोई तुझे वैसा ही चाहेगा। चाहेगा जरूर मगर वो गुरूर कहां से लाओगे जो तुम पर इश्क दया बनकर नहीं अभिमान बनकर बरसे, किसान जो लटके रहते हैं पेड़ों पर कीमत नहीं जानते खुद के पैदा किए अन्न की, लुट जाते हैं व्यापारियों के बाजार में भोलेपन में, तुम खुद को जानते नहीं दूसरों को जानने चले हो?
तेरे भोलेपन से प्यार हर कोई कर बैठेगा, लेकिन क्या तेरा आशिक भी भोला है? इस दुनियां में दिमाग से खेलने वालों का तुझे कोई हिसाब न होगा शायद अक्सर खरीदार के मन के भाव में खरीद लिए जाते हैं जो खुद की कीमत नहीं जानते, जिन्हें खुद पर विश्वास नहीं होता। जिनके अंदर चिंगारी नहीं होती, जो खुद अपने आंसू पोंछना सीखने के बजाय किसी और को खुद को तोहफे में दे देते हैं कि उसने तकलीफ में कंधा दिया था। सौदेबाजियों से भरी है दुनियां तूने अभी नहीं देखी तो इश्क मत कर, परिंदों को पिंजरा रास नहीं आता फिर करम फोड़ने के अलावा क्या कर लेगा जो आजादी न मिली? जो कुछ देर की खुशी के लिए तूने सात जन्मों के रिश्ते बनाने की कोशिश की घुटन से मरना पड़ गया तो कहां जाएगा? हर कोई इंतजार न करे शायद तेरा तो अकेला उड़ पाएगा? भाग पाएगा? नहीं तो इश्क मत कर। तुझे कोई बेहतर मिलने से बेहतर है तेरा बेहतर हो जाना। इश्क आंसुओं के सहारे दया बनकर मिले उससे बेहतर कि तू उसे अभिमान से पा, चमचमाती दुनियां में यूं दो वक्त की खुशी के लिए किसी से बंधने से अच्छा है कि चमकता वो चांद बन जो प्यार मांगता नहीं उसे मिलता है।
अपनी कीमत जान यूं हार मान कर सहारा लेने वाले लोग कभी उस खुशी को जान ही नहीं पाते जो प्यार को परिभाषित करती है।
Waah bhiya g bhut khub
ReplyDeleteस्वयं की कीमत ना जान पाना भी कितनी बड़ी त्रासदी है,अपने वजूद को औरों की नजर में ढूंढते रहना इस से बड़ा कोई अभिशाप नहीं ,किसी रिश्तो में बंध कर प्यार नहीं ढूंढा जा सकता ,सही है,आप की बातों से सहमत हूं।
ReplyDeleteNice
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